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नेपाल में बाढ़ का कहर, 200 भारतीयों समेत 600 पर्यटक फंसे

August 14, 2017

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काठमांडो। नेपाल में भारी बारिश के चलते आई बाढ़ और भूस्खलन में 55 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक लाख लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा है। वहीं चितवन राष्ट्रीय उद्यान 200 भारतीय सहित करीब 700 पर्यटक फंसे हुए हैं।

नेपाल में बाढ़ से कई बस्तियां प्रभावित हुई हैं। नदियों के खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण बहुत से इलाके जलमग्न हो गए हैं। आपदा से ज्यादातर दक्षिणी तराई मैदानी इलाके प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि देश में पिछले तीन दिनों में भारी बारिश के चलते बाढ़ आ गई है और कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 40,000 घर बुरी तरह से प्रभावित हैं।

राप्ती नदी का पानी कई होटलों में घुसा
चितवन घाटी में उफान मार रही राप्ती नदी का पानी कई होटलों में घुस गया है जहां देश का पहला राष्ट्रीय पार्क स्थित है। मुख्य जिला अधिकारी नारायण प्रसाद भट्ट ने बताया कि राहत अभियान के लिए पड़ोसी देवघाट से चार रबर राफ्ट मांगे गए हैं। क्षेत्रीय होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमन घिमरे ने बताया कि फंसे हुए पर्यटकों को हाथी और नौका की मदद से निकाला जा रहा है। एक होटल मालिक ने बताया कि गृह मंत्राालय से मदद मांगी गई है।

पश्चिमी मैदानों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया गया है कि मध्य और पश्चिमी मैदानों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसने बताया कि मॉनसून धीरे – धीरे कमजोर पड़ रहा है और पश्चिमी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है।

55 लोगों की मौत, कई लापता 
अधिकारियों ने बताया कि पिछले शुक्रवार से बाढ़ और भूस्खलन के चलते नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़ कर 55 हो गई है। उन्होंने बताया कि 36 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

बाढ़ और भूस्खलन से 21 जिले बुरी तरह प्रभावित 

हिमालयन टाइम्स की खबर के मुताबिक बाढ़ और भूस्खलन से 21 जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसने गृह मंत्रालय के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए यह बताया है। 35,000 से अधिक मकान जलमग्न हो गए हैं और करीब 1000 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ के चलते करीब 400 मवेशी मारे गए हैं।

100 से अधिक होटल आंशिक रूप से डूबे
खबरों के मुताबिक चितवन में 100 से अधिक होटल आंशिक रूप से जलमग्न हो गए हैं। परसा जिले में 1000 से अधिक मकानों में पानी घुस गया है।

सौराहा में फंसे 700 पर्यटकों में करीब 200 भारत से 
चितवन राष्ट्रीय उद्यान के सौराहा में फंसे 700 पर्यटकों में करीब 200 भारत से हैं और इतनी ही संख्या में अन्य देशों से हैं। शेष नेपाली नागरिक हैं। गौरतलब है कि नेपाल सरकार की कैबिनेट ने कल एक आपात बैठक की थी। प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने जिला प्रशासनों को बचाव अभियान तेज करने को कहा है।

बिराटनगर हवाई अड्डा बंद
मोरांग में सैकड़ों घर पानी में डूब गए है। बिराटनगर हवाईअड्डे पर बाढ़ का पानी घुसने के कारण उसे बंद कर दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार सरकार ने नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) को बचाव अभियान और राहत कार्य में लगाया है।

बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप 
नेपाल बिजली प्राधिकरण के मुताबिक, हजारों एकड़ भूमि पानी से डूब गई है और पूर्वी इलाके में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। बाढ़ से कई संचरण लाइनों पर असर पड़ा है। पूर्वी तराई इलाके में शनिवार से लैंडलाइन टेलीफोन व मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि वे बिजली लाइनों को जल्दी ठीक करने में लगे हैं।

राजमार्ग बंद, पुनर्वास कार्य में तेजी के निर्देश 
कई राजमार्ग बंद हो गए हैं और सरकार ने सुरक्षा बलों व सरकारी अधिकारियों को राहत व खोज अभियान के साथ पुनर्वास कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय ने लोगों से सुरक्षित इलाकों में आने को कहा है।

पीड़ितों को राहत दिए जाने की घोषणा
प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने शनिवार की शाम राष्ट्र को संबोधित किया और पीड़ितों को राहत दिए जाने की घोषणा की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 700 भारतीय, चीनी, अमेरिकी व दूसरे फंसे हुए पर्यटकों को चितवन के सुरहा से बचाया गया। बाढ़ का पानी आवासीय इलाके में फैल गया था। नेपाल के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, नेपाल में आने वाले दिनों में बारिश के जारी रहने की उम्मीद है। इससे बाढ़ के विकराल होने की उम्मीद है।

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