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डांस को अपनी दिनचर्या में करें शामिल करें, रहेंगे टेंशन फ्री

May 12, 2018

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डॉक्टर के चक्कर लगाने के बजाय हेल्‍थी रहने का अगर कोई ऐसा उपाय हाथ लग जाए, जो पूरी तरह फ्री हो, तो क्या कहने। डांस मूवमेंट थेरेपी एक ऐसा ही ट्रीटमेंट है, जिसे आप इंजॉय करने के साथ ही अपनी हेल्थ भी मेंटेन कर सकती हैं।

जरूरत ही नहीं ट्रेंड भी
फिटनेस फंडा आजकल के जमाने में जरूरत के साथ-साथ ट्रेंड भी बनता जा रहा है। योगा, एरोबिक्स, जिम वगैरह खूब पॉपुलर हैं, लेकिन इन दिनों महिलाओं के बीच सबसे पॉपलर हो रही है डांस मूवमेंट थेरेपी। डॉक्टर्स के मुताबिक, डांस आपको कुछ समय के लिए आपकी सारी टेंशन भुला देता है। उस दौरान बॉडी में जो हॉर्मोंस एक्टिव होते हैं, वे लॉन्ग टर्म फायदा देते हैं। आइए जानते हैं किसा प्रकार के डांस से होते हैं कौन से फायदे:

क्‍लासिक डांस
इसके तहत कथकली, ओडिसी, भरतनाट्यम आदि स्टाइल आते हैं। इन डांस की कई भाव भंगिमाओं द्वारा पेशंट को निरोगी बनाया जाता है। पेशंट की सिचुएशन के हिसाब से उसके लिए डांस व उसका समय डिसाइड किया जाता है। क्लासिक डांस राइट पॉश्‍चर बनाने में भी हेल्प करता है।

बी-बोइंग डांस
बी-बोइंग मार्शल आर्ट और कुछ दूसरे डांस का मिला-जुला रूप है। इस डांस में स्ट्रेंथ और फ़्लेक्सिबल होना बेहद जरूरी है। इससे बांहों और पांवों की फुल एक्सरसाइज होती है। खासतौर पर फैट कम करने के लिए यह डांस काफी फायदेमंद है। इसे एरोबिक्स का 2013 वर्जन भी कहा जा सकता है।

कंटेम्प्ररी डांस
कंटेम्प्ररी डांस में कई पैटर्न हैं, जो आपके ध्यान को बांधने में मदद करते हैं। क्लास में हायपर एक्टिव बच्चे को डिसिप्लिन में रखने के लिए भी इस डांस को करने की अडवाइज दी जाती है, क्योंकि इसमें बच्चे की एनर्जी का खूब यूज हो जाता है।

बॉलीबिक डांस
इन दिनों जमाना है बॉलीबिक का। यानी बॉलिवुड के हीरो हीरोइनों की तरह के लटके-झटके। इसमें आप अपनी मनपसंद ट्यून लगाकर उस पर एरोबिक्स कर सकती हैं। इसमें फिल्मी गानों पर डांस करवाया जाता है। आजकल जिम में भी बॉलीबिक डांस का खूब चलन है। बॉडी को टोन्‍ड रखने में ये काफी मददगार है।

हिप-हॉप डांस
यह डांस यूथ के बीच में खूब पॉपुलर है। इस डांस में पॉपिंग, लॉकिंग, कॉपिंग व ब्रेकिंग जैसी स्टेप्स यूज किए जाते हैं। केवल 5 मिनट करने से आप अपनी सारी टेंशन से बाहर आ जाते हैं।

बैली डांस
बैली डांस में पेट का अलग-अलग तरीकों से मूवमेंट किया जाता है। बैली डांस करते हुए आगे की ओर झुका जाता है। इससे फिजिकल वर्क अधिक होता है। इसमें 5 से 7 मिनट का डांस ही काफी हो जाता है।

बॉलरूम व सालसा डांस
इसके स्टेप्स व फ्री स्टाइल डांसिंग सीखने की जरूरत होती है। इनमें मसल्स की अच्छी एक्सर्साइज़ हो जाती है।

इन बीमारियों को भी दूर करता है डांस
इस डांस मूवमेंट थेरेपी का यूज डिप्रेशन, हार्ट प्रॉब्लम्स, जॉइंट्स पेन, ऑस्टियोपोरोसिस, डिस्लैक्सिया और यहां तक कि पार्किंसन जैसी बीमारियों के इलाज में भी होने लगा है। डांस का सबसे ज्‍यादा फायदा हार्ट को होता है।

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Source : Agency

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