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रोनाल्डो, मेसी के वर्चस्व को खत्म कर FIFA के बेस्ट प्लेयर बने लूका

September 25, 2018

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लंदन : लूका मोद्रिच ने व्यक्तिगत अवॉर्ड पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी के दशकों के प्रभुत्व को खत्म करते हुए सोमवार को फीफा की तरफ से बेस्ट फुटबॉल प्लेयर का अवॉर्ड जीता है। उनकी प्रेरणा से क्रोएशिया पहली बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा। क्रोशियाई टीम के शानदार प्लेयर लूका ने चार साल इंग्लैंड में क्लब फुटबॉल खेला और आखिर में 2012 में वह स्पैनिश क्लब रियाल मैड्रिड से जुड़े।

मोद्रिच ने कहा, ‘काफी भावुक हो रहा हूं क्योंकि यह सभी के काम को आभार है। कई लोग आए और उन्होंने मेरा साथ दिया।’ मोद्रिच ने इस अवॉर्ड के लिए लीवरपुल में मिस्र के खिलाड़ी मोहम्मद सालाह और रोनाल्डो को पीछे छोड़ा। लंदन में आयोजित इस अवॉर्ड कार्यक्रम में रोनाल्डो और मेसी ने हिस्सा नहीं लिया। दोनों ही काम की व्यस्तता के कारण यहां उपस्थित नहीं हो पाए। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति की काफी आलोचना हुई। मोद्रिच ने इस पर कहा, ‘हर किसी की अपनी वजहें होती हैं। निश्चित रूप से उनका यहां होना मुझे अच्छा लगता, लेकिन वे यहां नहीं हैं।’

क्रोएशियाई टीम ने फीफा विश्व कप 2018 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। क्रोएशियाई टीम पहली बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची। इस सफर में कप्तान और शानदार मिडफील्डर लूका मोद्रिच की अहम भूमिका रही।

चुनौतियों से लड़कर निखरे हैं लूका 
33 वर्षीय इस खिलाड़ी ने यहां तक पहुंचने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया। 1991 में ही यह देश दुनिया के नक्शे पर आया। यूगोस्लोवाकिया के टूटने के बाद क्रोएशिया सामने आया। इसके लिए लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। लाखों घर जला दिए गए। गैर-सर्बियाई लोगों को इसका काफी नुकसान झेलना पड़ा। लूका मोद्रिच के दादा लूका मोद्रिच सीनियर भी इनमें से एक थे। जदर, क्रोएशिया जो उस समय यूगोस्लोवाकिया था, में 9 सितंबर 1985 को उनका जन्म हुआ। मोद्रिच सिर्फ छह साल के थे तब उनके दादा को आतंकवादियों ने गोली मार दी। उन्हें युद्ध-प्रभावित इलाके में रिफ्यूजी का जीवन बिताना पड़ा।

लूका अपने दादा के पास ही रहते थे चूंकि उनके माता-पिता परिवार को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए फैक्ट्री में काम करते थे। उनके परिवार को निर्वासित जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ा। सर्बियाई विद्रोहियों ने उनके घर को आग लगा दी और उनके दादा को गोली मार दी। अपना ध्यान बांटने के लिए उन्होंने फुटबॉल का रुख किया।

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