एक ऐसा थाना जहां आज तक अपनी कुर्सी पर नहीं बैठा कोई अधिकारी

long7335

वाराणसी। धर्म की नगरी के रूप में अपनी पहचान रखने वाले उत्तर प्रदेश के जिले वाराणसी को शिव की नगरी कहा जाता है। बाबा विश्वनाथ यहां के मालिक हैं तो बाबा काल भैरव यहां के कोतवाल। जिले के कोतवावी थाने में अभी भी मुख्य कुर्सी पर बाबा ही विद्यमान हैं।

द्वादश ज्योतिलिंगो में प्रमुख विशेश्वर महादेव यानी बाबा श्री काशी विश्वनाथ यही विराजमान है। मोक्षदायिनी दुनिया के प्राचीन शहरों के रूप में स्थापित इस शहर में बाबा श्री काल भैरव का प्राचीन मंदिर है। बाबा श्री काल भैरव को काशी का कोतवाल कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस शहर के मालिक बाबा श्री काशी विश्वनाथ है और कोतवाल बाबा श्री काल भैरव ही है।

मुख्य कुर्सी पर रहते हैं विराजमान
वाराणसी में बाबा श्री काल भैरव के समीप स्थित कोतवाली थाना में प्रभारी निरीक्षक के कार्यालय में पहली कुर्सी पर बाबा श्री काल भैरव का चित्र रखा है। उसके बगल में दूसरी कुर्सी पर इस कोतवाली का प्रभारी बैठता है। काल भैरव चौकी प्रभारी वीके शुक्ला ने बताया कि इस प्रथा कि शुरुआत 18 नवम्बर 2016 को बतौर कोतवाली प्रभारी के रूप में तैनात अरविन्द कुमार सिसोदिया ने की। 21 मार्च 2017 को अरविन्द कुमार सिसोदिया का वाराणसी के कोतवाली थाने से स्थानांतरण हो गया।

लगातार चली आ रही परंपरा
कोतवाली प्रभारी के रूप में नई तैनाती पाने वाले राजेश सिंह ने काशी के कोतवाल को सम्मान देते हुए उस कुर्सी के बगल में अपनी कुर्सी पूर्व कि भांति ही लगाये रखी। कोतवाली थाना क्षेत्र में बाबा श्री काल भैरव का मंदिर होने के कारण यहां इसी नाम पर काल भैरव पुलिस चौकी भी काम करती है।

इन्ही के सामने रखे जाते हैं दस्तावेज
वाराणसी के इस कोतवाली में बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के दो चित्र के साथ साई बाबा और माँ शीतला के चित्र रखे गए हैं। उन्हीं के सामने कोतवाली प्रभारी के प्रमुख दस्तावेज रखे जाते हैं। कोतवाली थाना में कोतवाल की कुर्सी पर बाबा श्री काल भैरव की तस्वीर रखे जाने से क्षेत्रीय लोग भी बखूबी वाकिफ है।

https://youtu.be/plr0eHLCbRc

Print Friendly, PDF & Email

Please like our Facebook Page https://www.facebook.com/MalayalamDailyNews for all daily updated news

Leave a Comment