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सेब स्‍वास्‍थ्‍य के लिए किसी उपहार से कम नहीं, बस समस्‍या के अनुसार इसे खाने का तरीका अलग

May 16, 2020

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कहते हैं कि रोज एक सेब खाने से कभी डॉक्‍टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती। जी हां, ये बात बिलकुल सच है कि सेब में इतने पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं कि ये आपको हर बीमारी से बचाकर रखता है। इसमें कैलोरी कम होती है जो कि वजन घटाने में मदद करता है और डायबिटीज के खतरे को कम करने के साथ-साथ सेब आपके दिल को भी हेल्‍दी रखता है। शायद यही वजह है कि फलों में सेब को इतना पसंद किया जाता है।
हम सभी जानते हैं कि सेब स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद होता है और इसके सेवन से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। इसी तरह सेब दो विपरीत स्‍वास्‍‍थ्‍य समस्‍याओं यानी कब्‍ज और दस्‍त का इलाज भी करता है।
अलग-अलग तरीके से सेब खाने से कब्‍ज या दस्‍त दोनों को ठीक किया जा सकता है, आइए जानते हैं कैसे।

सेब के गुण
सेब घुलनशील और अघुलनशील फाइबर से बना होता है। इसमें 64 फीसदी अघुलनशील फाइबर और 32 फीसदी घुलनशील फाइबर होता है।

सेब से कैसे करें दस्‍त का इलाज
घुलनशील फाइबर पाचन को धीमा कर देते हैं जिससे दस्‍त की समस्‍या कम होती है। सेब के अंदरूनी भाग यानी पल्‍प और गूदे में घुलनशील फाइबर मौजूद होते हैं। तो अगर आपको दस्‍त हैं तो बेहतर होगा कि आप सेब का छिलका उतार कर खाएं।

सेब से कब्‍ज का इलाज
सेब में मौजूद अघुलनशील फाइबर मल की मात्रा को बढ़ाते हैं और आंतों को साफ करने का रास्‍ता बनाने में मदद करते हैं। इस‍ वजह से सेब कब्‍ज में लाभकारी होता है। सेब के छिलके में अघुलनशील फाइबर पाए जाते हैं इसलिए अगर आपको कब्‍ज की समस्‍या है तो इससे राहत पाने के लिए छिलके के साथ सेब खाएं।

अमेरिकन जरनल ऑफ क्‍लीनिकल न्‍य‍ूट्रिशन की एक स्‍टडी में पाया गया कि जो महिलाएं रोज सेब खाती थीं उनमें सेब न खाने वाली महिलाओं की तुलना में कब्‍ज की समस्‍या 13 से 22 फीसदी कम पाई गई।

सेब में पेक्टिन फाइबर भी होता है जो कि एंफोटेरिक प्रभाव देता है। इस प्रकार एक ही फल पेट से जुड़ी दो विपरीत समस्‍याओं यानी दस्‍त और कब्‍ज से छुटकारा पाने में मदद करता है।



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